Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.24.17: शांति ही एकमात्र उपाय है। शांति ही शाश्वत ब्रह्म है। ब्राह्मण इसे उदान का सर्वोत्तम रूप मानते हैं। 17॥ | mahabharat अध्याय 14.24: देवर्षि नारद और देवमतका संवाद एवं उदानके उत्कृष्ट रूपका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शांति ही एकमात्र उपाय है। शांति ही शाश्वत ब्रह्म है। ब्राह्मण इसे उदान का सर्वोत्तम रूप मानते हैं। 17॥
The only way is for peace. Peace is eternal Brahma. Brahmins consider this to be the most excellent form of Udaan. 17॥
इति श्रीमहाभारते आश्वमेधिके पर्वणि अनुगीतापर्वणि ब्राह्मणगीतासु चतुर्विंशोऽध्याय:॥ २४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आश्वमेधिकपर्वके अन्तर्गत अनुगीतापर्वमें ब्राह्मण-गीताविषयक चौबीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २४॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥