Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.19.24: जब देहधारी जीवात्मा योग के द्वारा आत्मा के वास्तविक स्वरूप को देख लेता है, उस समय त्रिदेवों के परमेश्वर का भी उस पर अधिकार नहीं रहता ॥24॥ | mahabharat अध्याय 14.19: गुरु-शिष्यके संवादमें मोक्षप्राप्तिके उपायका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदा हि युक्तमात्मानं सम्यक् पश्यति देहभृत्।
न तस्येहेश्वर: कश्चित् त्रैलोक्यस्यापि य: प्रभु:॥ २४॥
अनुवाद
जब देहधारी जीवात्मा योग के द्वारा आत्मा के वास्तविक स्वरूप को देख लेता है, उस समय त्रिदेवों के परमेश्वर का भी उस पर अधिकार नहीं रहता ॥24॥
When the embodied soul sees the true form of the soul through yoga, at that time even the Supreme Lord of the Trinity no longer has the authority over him. 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥