Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.18.35: उस पुरुष के लिए मैं उस सनातन अविनाशी परमात्मा का परम ज्ञान कहूँगा जो अभीष्ट है। हे ब्राह्मण! तुम यह सब ध्यानपूर्वक सुनो। 35। | mahabharat अध्याय 14.18: जीवके गर्भ-प्रवेश,आचार-धर्म, कर्म-फलकी अनिवार्यता तथा संसारसे तरनेके उपायका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस पुरुष के लिए मैं उस सनातन अविनाशी परमात्मा का परम ज्ञान कहूँगा जो अभीष्ट है। हे ब्राह्मण! तुम यह सब ध्यानपूर्वक सुनो। 35।
For that person, I shall narrate to him the supreme knowledge of the eternal and indestructible Supreme Being which is desired. O Brahmin, listen to all this carefully. 35.
इति श्रीमहाभारते आश्वमेधिके पर्वणि अनुगीतापर्वणि अष्टादशोऽध्याय:॥ १८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आश्वमेधिकपर्वके अन्तर्गत अनुगीतापर्वमें अट्ठारहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १८॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥