Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.18.30: कोई बुद्धिमान और समर्थ पुरुष, जिसने पूर्वजन्म में अपनी आत्मा को जान लिया हो, संसार की अनित्यता के विषय में जो कुछ कह सकता है, वही मैं भी कहूँगा। मैं जो कुछ कहूँगा, वह सब सत्य और उचित होगा ॥30॥ | mahabharat अध्याय 14.18: जीवके गर्भ-प्रवेश,आचार-धर्म, कर्म-फलकी अनिवार्यता तथा संसारसे तरनेके उपायका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कोई बुद्धिमान और समर्थ पुरुष, जिसने पूर्वजन्म में अपनी आत्मा को जान लिया हो, संसार की अनित्यता के विषय में जो कुछ कह सकता है, वही मैं भी कहूँगा। मैं जो कुछ कहूँगा, वह सब सत्य और उचित होगा ॥30॥
Whatever an intelligent and capable person who has realized his soul in his previous life can say about the impermanence of the world, I will also say the same. All that I say will be true and appropriate. ॥ 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥