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mahabharat 14.18.24: आत्मा के शरीर धारण करने की प्रथा सर्वप्रथम किसने प्रारंभ की? इस प्रकार का संदेह प्रायः लोगों के मन में उठता है। अतः मैं इसका उत्तर दे रहा हूँ ॥24॥   |   mahabharat अध्याय 14.18: जीवके गर्भ-प्रवेश,आचार-धर्म, कर्म-फलकी अनिवार्यता तथा संसारसे तरनेके उपायका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.18.24 
शरीरग्रहणं चास्य केन पूर्वं प्रकल्पितम्।
इत्येवं संशयो लोके तच्च वक्ष्याम्यत: परम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
आत्मा के शरीर धारण करने की प्रथा सर्वप्रथम किसने प्रारंभ की? इस प्रकार का संदेह प्रायः लोगों के मन में उठता है। अतः मैं इसका उत्तर दे रहा हूँ ॥24॥
 
Who started the practice of the soul taking a body first? This kind of doubt often arises in people's minds. So I am answering that. ॥24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)