Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.18.22: जो मनुष्य धर्मानुसार आचरण करता है, वह जहां भी हो, जिस भी अवस्था में हो, अपने कर्मों के अनुसार उत्तम फल प्राप्त करता है और धीरे-धीरे, दीर्घकाल के पश्चात्, इस संसार सागर से पार हो जाता है। | mahabharat अध्याय 14.18: जीवके गर्भ-प्रवेश,आचार-धर्म, कर्म-फलकी अनिवार्यता तथा संसारसे तरनेके उपायका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य धर्मानुसार आचरण करता है, वह जहां भी हो, जिस भी अवस्था में हो, अपने कर्मों के अनुसार उत्तम फल प्राप्त करता है और धीरे-धीरे, दीर्घकाल के पश्चात्, इस संसार सागर से पार हो जाता है।
He who behaves according to Dharma, wherever he may be, in whatever condition, he receives the best results according to his deeds and gradually, after a long period of time, he crosses this ocean of the world.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥