Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.16.39: इस संसार में अनुभव प्राप्त करके मैंने यह मार्ग अपनाया है और अब भगवान् की कृपा से मुझे यह परम सिद्धि प्राप्त हुई है ॥39॥   |   mahabharat अध्याय 14.16: अर्जुनका श्रीकृष्णसे गीताका विषय पूछना और श्रीकृष्णका अर्जुनसे सिद्ध, महर्षि एवं काश्यपका संवाद सुनाना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 16: अर्जुनका श्रीकृष्णसे गीताका विषय पूछना और श्रीकृष्णका अर्जुनसे सिद्ध, महर्षि एवं काश्यपका संवाद सुनाना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  14.16.39 
लोकेऽस्मिन्ननुभूयाहमिमं मार्गमनुष्ठित:।
तत: सिद्धिरियं प्राप्ता प्रसादादात्मनो मया॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
इस संसार में अनुभव प्राप्त करके मैंने यह मार्ग अपनाया है और अब भगवान् की कृपा से मुझे यह परम सिद्धि प्राप्त हुई है ॥39॥
 
After having had experience in this world, I have adopted this path and now by the grace of God, I have attained this supreme accomplishment. ॥ 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)