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श्लोक  14.16.32 
पुन: पुनश्च मरणं जन्म चैव पुन: पुन:।
आहारा विविधा भुक्ता: पीता नानाविधा: स्तना:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
मैंने बार-बार जन्म और बार-बार मृत्यु का दुःख सहा है। मैंने तरह-तरह के भोजन खाए हैं और कई स्तनों का दूध पिया है। 32.
 
I have suffered the pain of repeated births and repeated deaths. I have eaten different kinds of food and drunk the milk from many breasts. 32.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)