Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.16.29: सिद्ध बोले - तात काश्यप! मनुष्य अनेक प्रकार के शुभ कर्मों को करके पुण्य के संयोग से ही इस लोक में शुभ फल तथा स्वर्गलोक में स्थान प्राप्त करते हैं॥29॥ | mahabharat अध्याय 14.16: अर्जुनका श्रीकृष्णसे गीताका विषय पूछना और श्रीकृष्णका अर्जुनसे सिद्ध, महर्षि एवं काश्यपका संवाद सुनाना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सिद्ध उवाच
विविधै: कर्मभिस्तात पुण्ययोगैश्च केवलै:।
गच्छन्तीह गतिं मर्त्या देवलोके च संस्थितिम्॥ २९॥
अनुवाद
सिद्ध बोले - तात काश्यप! मनुष्य अनेक प्रकार के शुभ कर्मों को करके पुण्य के संयोग से ही इस लोक में शुभ फल तथा स्वर्गलोक में स्थान प्राप्त करते हैं॥29॥
Siddha said – Tat Kashyap! By performing various types of auspicious deeds, humans attain good results in this world and a place in the heavenly world only by the combination of virtue. 29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥