Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.15.3: स्वर्ग में विचरण करने वाले दो दिव्य पुरुषों के समान वे दोनों मित्र आनन्द में मग्न होकर विचित्र वनों में तथा पर्वतों की सुन्दर चोटियों पर विचरण करने लगे। | mahabharat अध्याय 14.15: भगवान् श्रीकृष्णका अर्जुनसे द्वारका जानेका प्रस्ताव करना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स्वर्ग में विचरण करने वाले दो दिव्य पुरुषों के समान वे दोनों मित्र आनन्द में मग्न होकर विचित्र वनों में तथा पर्वतों की सुन्दर चोटियों पर विचरण करने लगे।
Like two divine beings roaming in the heaven, the two friends, immersed in joy, began to roam in strange forests and on the beautiful peaks of mountains.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥