श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 15: भगवान‍् श्रीकृष्णका अर्जुनसे द्वारका जानेका प्रस्ताव करना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  14.15.28 
प्रयोजनं च निर्वृत्तमिह वासे ममार्जुन।
धार्तराष्ट्रो हतो राजा सबल: सपदानुग:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
हे अर्जुन! मेरे यहाँ रहने का उद्देश्य पूर्ण हो गया है। धृतराष्ट्रपुत्र राजा दुर्योधन अपनी सेना और सेवकों सहित मारा गया है॥ 28॥
 
Arjuna! The purpose of my stay here has been fulfilled. King Duryodhana, son of Dhritarashtra, has been killed along with his army and servants.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)