श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 15: भगवान‍् श्रीकृष्णका अर्जुनसे द्वारका जानेका प्रस्ताव करना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  14.15.22 
उक्तो बहुविधं राजा तत्र तत्र युधिष्ठिर:।
सह भीष्मेण यद् युक्तमस्माभि: शोककारिते॥ २२॥
 
 
अनुवाद
शोकग्रस्त मनुष्य के दुःख निवारण के लिए जो भी उचित परामर्श दिया जाना चाहिए, वह हमने भीष्म के साथ मिलकर राजा युधिष्ठिर को अनेक स्थानों पर दिया है, अनेक प्रकार से समझाया है।
 
Whatever advice is appropriate to give to a person in a state of grief to alleviate his sorrow, we, along with Bhishma, have given it to King Yudhishthira at various places. We have explained it to him in many ways.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)