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mahabharat 14.15.12: भगवान श्रीकृष्ण बोले, "हे शत्रुओं को संताप देने वाले सव्यसाची अर्जुन! धर्मपुत्र युधिष्ठिर ने आपके बल से सहायता प्राप्त करके इस सम्पूर्ण पृथ्वी को जीत लिया।"   |   mahabharat अध्याय 14.15: भगवान‍् श्रीकृष्णका अर्जुनसे द्वारका जानेका प्रस्ताव करना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 15: भगवान‍् श्रीकृष्णका अर्जुनसे द्वारका जानेका प्रस्ताव करना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  14.15.12 
वासुदेव उवाच
विजितेयं धरा कृत्स्ना सव्यसाचिन् परंतप।
त्वद्‍बाहुबलमाश्रित्य राज्ञा धर्मसुतेन ह॥ १२॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण बोले, "हे शत्रुओं को संताप देने वाले सव्यसाची अर्जुन! धर्मपुत्र युधिष्ठिर ने आपके बल से सहायता प्राप्त करके इस सम्पूर्ण पृथ्वी को जीत लिया।"
 
Lord Krishna said, "O Savyasachi Arjuna, who torments the enemies! Dharmaputra Yudhishthira, taking help from your strength, conquered this entire earth."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)