श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 15: भगवान‍् श्रीकृष्णका अर्जुनसे द्वारका जानेका प्रस्ताव करना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  14.15.11 
तत: कथान्ते गोविन्दो गुडाकेशमुवाच ह।
सान्त्वयन् श्लक्ष्णया वाचा हेतुयुक्तमिदं वच:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
वार्तालाप के अन्त में गोविन्द ने अपनी मधुर वाणी से गुडाकेश अर्जुन को सान्त्वना दी और उनसे यह ज्ञानपूर्ण बात कही॥11॥
 
At the end of the conversation, Govinda consoled Gudakesh Arjun with his sweet voice and said this wise thing to him. 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)