Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.113.d8: संत और विद्वान भी तीर्थ कहलाते हैं। दूसरों को आश्रय देने वाले पुरुष भी तीर्थ हैं। जीवों को संरक्षण देना भी तीर्थ कहलाता है। | mahabharat अध्याय 14.113: भगवान् के उपदेशका उपसंहार और द्वारकागमन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संत और विद्वान भी तीर्थ कहलाते हैं। दूसरों को आश्रय देने वाले पुरुष भी तीर्थ हैं। जीवों को संरक्षण देना भी तीर्थ कहलाता है।
Saints and scholars are also called pilgrimages. Men who give shelter to others are also pilgrimages. Giving protection to living beings is also called a pilgrimage.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥