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mahabharat 14.113.d28: बिना किसी के सहारे के कोई ऊँचा नहीं चढ़ सकता, इसलिए सभी को किसी न किसी मुख्य सहारे का सहारा अवश्य लेना चाहिए। देवतागण भगवान रुद्र की शरण में रहते हैं, रुद्र ब्रह्माजी पर निर्भर हैं।   |   mahabharat अध्याय 14.113: भगवान‍् के उपदेशका उपसंहार और द्वारकागमन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.113.d28 
अनाश्रित्योच्छ्रयं नास्ति मुख्यमाश्रयमाश्रयेत्।
रुद्रं समाश्रिता देवा रुद्रो ब्रह्माणमाश्रित:॥
 
 
अनुवाद
बिना किसी के सहारे के कोई ऊँचा नहीं चढ़ सकता, इसलिए सभी को किसी न किसी मुख्य सहारे का सहारा अवश्य लेना चाहिए। देवतागण भगवान रुद्र की शरण में रहते हैं, रुद्र ब्रह्माजी पर निर्भर हैं।
 
No one can climb high without someone's support, so everyone must take support of some main support. The gods live under the shelter of Lord Rudra, Rudra is dependent on Brahmaji.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)