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mahabharat 14.112.d28: यदि ब्राह्मण ज्ञान की इच्छा रखता है, क्षत्रिय युद्ध में विजय की इच्छा रखता है, वैश्य धन की इच्छा रखता है, शूद्र सुख की इच्छा रखता है और स्त्री सभी प्रकार की वस्तुओं की इच्छा रखती है, तो वे सभी मेरी पूजा करके अपनी सभी इच्छाओं को प्राप्त कर सकते हैं।   |   mahabharat अध्याय 14.112: उत्तम और अधम ब्राह्मणोंके लक्षण, भक्त, गौ और पीपलकी महिमा   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.112.d28 
जयकामो भवेद् राजा विद्याकामो द्विजोत्तम:।
वैश्यो वा धनकामस्तु शूद्र: सुखफलप्रिय:।
सर्वकामा: स्त्रियो वापि सर्वान् कामानवाप्नुयु:॥
 
 
अनुवाद
यदि ब्राह्मण ज्ञान की इच्छा रखता है, क्षत्रिय युद्ध में विजय की इच्छा रखता है, वैश्य धन की इच्छा रखता है, शूद्र सुख की इच्छा रखता है और स्त्री सभी प्रकार की वस्तुओं की इच्छा रखती है, तो वे सभी मेरी पूजा करके अपनी सभी इच्छाओं को प्राप्त कर सकते हैं।
 
If a Brahmin desires knowledge, a Kshatriya desires victory in battle, a Vaishya desires wealth, a Shudra desires happiness and a woman desires all kinds of things, then all of them can achieve all their desires by worshiping me.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)