Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.112.d27: मिट्टी, ताँबे, चाँदी, सोने या बहुमूल्य रत्नों से मेरी मूर्ति बनाकर उसकी पूजा करनी चाहिए। इन मूर्तियों की पूजा करना, एक के बाद एक मूर्तियों की पूजा करने से दस गुना अधिक पुण्यदायी माना जाना चाहिए। | mahabharat अध्याय 14.112: उत्तम और अधम ब्राह्मणोंके लक्षण, भक्त, गौ और पीपलकी महिमा । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मिट्टी, ताँबे, चाँदी, सोने या बहुमूल्य रत्नों से मेरी मूर्ति बनाकर उसकी पूजा करनी चाहिए। इन मूर्तियों की पूजा करना, एक के बाद एक मूर्तियों की पूजा करने से दस गुना अधिक पुण्यदायी माना जाना चाहिए।
One should make my idol from clay, copper, silver, gold or precious stones and worship it. Worshipping these idols should be considered ten times more virtuous than worshipping successive idols.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥