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श्लोक  14.112.d25 
मद्भक्तानां हितायैव प्रादुर्भाव: कृतो मया।
प्रादुर्भावकृता काचिदर्चनीया युधिष्ठिर॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर! मैं अपने भक्तों का कल्याण करने के लिए ही अवतार लेता हूँ; इसलिए मेरे प्रत्येक अवतार की पूजा करनी चाहिए।
 
Yudhishthira! I take incarnation only to do good to my devotees; therefore each of my incarnations should be worshipped.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)