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mahabharat 14.112.d19: जो दुष्ट मनुष्य शूद्र जाति में उत्पन्न होने के कारण मेरे भक्तों का अपमान करते हैं, वे लाखों वर्षों तक नरक में वास करते हैं।   |   mahabharat अध्याय 14.112: उत्तम और अधम ब्राह्मणोंके लक्षण, भक्त, गौ और पीपलकी महिमा   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 112: उत्तम और अधम ब्राह्मणोंके लक्षण, भक्त, गौ और पीपलकी महिमा  »  श्लोक d19
 
 
श्लोक  14.112.d19 
मद्भक्तान् शूद्रसामान्यादवमन्यन्ति ये नरा:।
नरकेष्वेव तिष्ठन्ति वर्षकोटिं नराधमा:॥
 
 
अनुवाद
जो दुष्ट मनुष्य शूद्र जाति में उत्पन्न होने के कारण मेरे भक्तों का अपमान करते हैं, वे लाखों वर्षों तक नरक में वास करते हैं।
 
Those wretched men who insult my devotees because they are born in the Shudra caste, dwell in hell for millions of years.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)