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mahabharat 14.112.d18: तथा अश्लील गायक, मुर्गा, वह खंभा जिससे वध के लिए पशु बाँधे जाते हैं, रजस्वला स्त्री तथा वृषल जाति की स्त्री से विवाह करने वाला द्विज - ये पाँच अमेध्य माने गए हैं; इनका स्पर्श कभी नहीं करना चाहिए। यदि ब्राह्मण इन आठों में से किसी को भी छू ले, तो उसे वस्त्र सहित जल में प्रवेश करके स्नान करना चाहिए।   |   mahabharat अध्याय 14.112: उत्तम और अधम ब्राह्मणोंके लक्षण, भक्त, गौ और पीपलकी महिमा   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 112: उत्तम और अधम ब्राह्मणोंके लक्षण, भक्त, गौ और पीपलकी महिमा  »  श्लोक d18
 
 
श्लोक  14.112.d18 
गायक: कुक्कुटो यूपो ह्युदक्या वृषलीपति:।
पञ्चैते स्युरमेध्याश्च स्प्रष्टव्या न कदाचन।
स्पृष्ट्वैतानष्ट वै विप्र: सचैलो जलमाविशेत्॥
 
 
अनुवाद
तथा अश्लील गायक, मुर्गा, वह खंभा जिससे वध के लिए पशु बाँधे जाते हैं, रजस्वला स्त्री तथा वृषल जाति की स्त्री से विवाह करने वाला द्विज - ये पाँच अमेध्य माने गए हैं; इनका स्पर्श कभी नहीं करना चाहिए। यदि ब्राह्मण इन आठों में से किसी को भी छू ले, तो उसे वस्त्र सहित जल में प्रवेश करके स्नान करना चाहिए।
 
And an obscene singer, a cock, a pole to which animals are tied for slaughter, a menstruating woman and a Dwija who marries a woman of the Vrishal caste – these five are considered Amedhya; These should never be touched. If a Brahmin touches any of these eight, he should enter the water with his clothes and take a bath.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)