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श्लोक  14.111.d49 
पिबेत् तु पञ्चगव्यं य: पौर्णमास्यामुपोष्य तु।
तस्य नश्यति तत् पापं यत् पापं पूर्वसंचितम्॥
 
 
अनुवाद
जो व्यक्ति पूर्णिमा के दिन उपवास रखता है और पंचगव्य का पान करता है, उसके सभी पूर्व संचित पाप नष्ट हो जाते हैं।
 
One who fasts on the full moon day and drinks Panchagavya, all his previously accumulated sins are destroyed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)