आत्मा नदी भारत पुण्यतीर्थ-
मात्मा तीर्थं सर्वतीर्थप्रधानम्।
आत्मा यज्ञ: सततं मन्यते वै
स्वर्गो मोक्ष: सर्वमात्मन्यधीनम्॥
अनुवाद
महाराज! आत्मा की नदी सबसे पवित्र तीर्थ है। यह सभी तीर्थों में सबसे महत्वपूर्ण है। आत्मा को सदैव यज्ञ माना गया है। स्वर्ग, मोक्ष - ये सब आत्मा पर ही निर्भर हैं।
King! The river of the soul is the most sacred pilgrimage. It is the most important among all pilgrimages. The soul has always been considered as a sacrifice. Heaven, salvation - all are dependent on the soul.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)