Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.111.d2: श्री भगवान बोले - राजन! विषुव योग में, सूर्यग्रहण और चन्द्रग्रहण के समय, व्यतिपात योग में तथा उत्तरायण या दक्षिणायन के प्रारम्भ के दिन दिया गया दान अक्षय फल देता है। मैं इस विषय का वर्णन करता हूँ, सुनो। | mahabharat अध्याय 14.111: विषुवयोग और ग्रहण आदिमें दानकी महिमा, पीपलका महत्त्व, तीर्थभूत गुणोंकी प्रशंसा और उत्तम प्रायश्चित्त । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री भगवान बोले - राजन! विषुव योग में, सूर्यग्रहण और चन्द्रग्रहण के समय, व्यतिपात योग में तथा उत्तरायण या दक्षिणायन के प्रारम्भ के दिन दिया गया दान अक्षय फल देता है। मैं इस विषय का वर्णन करता हूँ, सुनो।
Shri Bhagavan said – King! The donation given in Equinox Yoga, at the time of solar eclipse and lunar eclipse, in Vyatipat Yoga and on the day of commencement of Uttarayana or Dakshinayana, gives inexhaustible results. Let me describe this topic, listen.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥