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mahabharat 14.111.d15: मेरे सामने गीत गाने, होम करने, जप करने तथा मेरे महान नामों का पाठ करने से राहु कमजोर हो जाता है और चंद्रमा मजबूत हो जाता है।   |   mahabharat अध्याय 14.111: विषुवयोग और ग्रहण आदिमें दानकी महिमा, पीपलका महत्त्व, तीर्थभूत गुणोंकी प्रशंसा और उत्तम प्रायश्चित्त   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 111: विषुवयोग और ग्रहण आदिमें दानकी महिमा, पीपलका महत्त्व, तीर्थभूत गुणोंकी प्रशंसा और उत्तम प्रायश्चित्त  »  श्लोक d15
 
 
श्लोक  14.111.d15 
गान्धर्वैर्होमजप्यैस्तु जप्तैरुत्कृष्टनामभि:।
दुर्बलोऽपि भवेद् राहु: सोमश्च बलवान् भवेत्॥
 
 
अनुवाद
मेरे सामने गीत गाने, होम करने, जप करने तथा मेरे महान नामों का पाठ करने से राहु कमजोर हो जाता है और चंद्रमा मजबूत हो जाता है।
 
By singing songs, performing homas and chanting in front of me, and by reciting my great names, Rahu becomes weak and the Moon becomes strong.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)