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स गच्छेद् दक्षिणामूर्तिं मां वा नात्र विचारणा।
चन्द्रसालोक्यमथवा ग्रहनक्षत्रपूजित:॥
अनुवाद
ऐसा करने से मनुष्य दक्षिणामूर्ति शिव को या मुझे प्राप्त करता है; इसमें कोई संदेह नहीं है। अथवा वह ग्रह-नक्षत्रों द्वारा पूजित चन्द्रलोक को प्राप्त होता है।
By doing this, a man attains Dakshinamurti Shiva or me; there is no doubt about this. Or he attains the world of the moon, worshipped by the planets and stars.
(दाक्षिणात्य प्रतिमें अध्याय समाप्त)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥