Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.110.d39: 'नरसिंह! आप इस जगत के रचयिता और संहारक हैं, मैं आपको बारंबार नमस्कार करता हूँ। भक्तों के प्रियतम श्रीकृष्ण! स्वामिन! मैं आपको बारंबार नमस्कार करता हूँ।' | mahabharat अध्याय 14.110: सर्वहितकारी धर्मका वर्णन, द्वादशी-व्रतका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरके द्वारा भगवान्की स्तुति । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सृष्टिसंहारकर्त्रे ते नरसिंह नमो नम:।
भक्तप्रिय नमस्तेऽस्तु कृष्ण नाथ नमो नम:॥
अनुवाद
'नरसिंह! आप इस जगत के रचयिता और संहारक हैं, मैं आपको बारंबार नमस्कार करता हूँ। भक्तों के प्रियतम श्रीकृष्ण! स्वामिन! मैं आपको बारंबार नमस्कार करता हूँ।'
‘Narasimha! You are the creator and destroyer of this world, I salute you again and again. Dearest to the devotees, Shri Krishna! Swamin! I salute you again and again.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥