Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.109.d7-d8: सर्वप्रथम नित्यकर्म से निवृत्त होकर एक वेदी पर अग्नि स्थापित करें और क्रमशः आघार, आज्यभाग, प्रणव, महाव्याहृति तथा पंचवरुण होम करें तथा सत्य, विष्णु, ब्रह्मर्षिगण, ब्रह्मा, विश्वेदेव तथा प्रजापति - इन छह देवताओं के लिए हवन करें। अंत में तप होम करें। | mahabharat अध्याय 14.109: चान्द्रायण-व्रतकी विधि, प्रायश्चित्तरूपमें उसके करनेका विधान तथा महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आघारावाज्यभागौ च प्रणवं व्याहृतीस्तथा।
वारुणं चैव पञ्चैव हुत्वा सर्वान् यथाक्रमम्॥
सत्याय विष्णवे चेति ब्रह्मर्षिभ्योऽथ ब्रह्मणे।
विश्वेभ्यो हि च देवेभ्य: सप्रजापतये तथा॥
षडुक्ता जुहुयात् पश्चात् प्रायश्चित्ताहुतिं द्विज:।
अनुवाद
सर्वप्रथम नित्यकर्म से निवृत्त होकर एक वेदी पर अग्नि स्थापित करें और क्रमशः आघार, आज्यभाग, प्रणव, महाव्याहृति तथा पंचवरुण होम करें तथा सत्य, विष्णु, ब्रह्मर्षिगण, ब्रह्मा, विश्वेदेव तथा प्रजापति - इन छह देवताओं के लिए हवन करें। अंत में तप होम करें।
First of all, after retiring from the daily routine, set up a fire on an altar and perform 'Aaghar', 'Ajyabhag', 'Pranava', 'Mahavyahriti' and 'Panchvarun' homas respectively and perform havan for the six gods - Satya, Vishnu, Brahmarshigan, Brahma, Vishvedev and Prajapati. At last do penance home.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥