Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.109.d37-d38: जो बहन बड़ी बहन के अविवाहित रहने से पहले ब्याही गई हो, जो भाई की विधवा से ब्याही हो, जो बड़े भाई के अविवाहित रहते हुए छोटे भाई की विधवा से ब्याही हो, जो अविवाहित बड़े भाई का भोजन, कुंडक, गोलक, पुरोहित का भोजन तथा पुरोहित का भोजन खाकर भी चान्द्रायण व्रत का पालन करना चाहिए। | mahabharat अध्याय 14.109: चान्द्रायण-व्रतकी विधि, प्रायश्चित्तरूपमें उसके करनेका विधान तथा महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अथाग्रे दिधिषोरन्नं दिधिषूपपतेस्तथा।
परिवेत्तुस्तथा चान्नं परिवित्तान्नमेव च॥
कुण्डान्नं गोलकान्नं च देवलान्नं तथैव च।
तथा पुरोहितस्यान्नं भुक्त्वा चान्द्रायणं चरेत् ॥
अनुवाद
जो बहन बड़ी बहन के अविवाहित रहने से पहले ब्याही गई हो, जो भाई की विधवा से ब्याही हो, जो बड़े भाई के अविवाहित रहते हुए छोटे भाई की विधवा से ब्याही हो, जो अविवाहित बड़े भाई का भोजन, कुंडक, गोलक, पुरोहित का भोजन तथा पुरोहित का भोजन खाकर भी चान्द्रायण व्रत का पालन करना चाहिए।
One should also observe the Chandrayan fast after eating the food of a younger sister who gets married before the elder sister is unmarried, and one who marries his brother's widow, and one who marries the younger brother's widow while the elder brother is unmarried, and one who eats the food of an unmarried elder brother, Kundaka, Golaka, the priest's food, and the priest's food.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥