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mahabharat 14.109.d23: फिर ब्रह्मा, अग्नि, सोम, वरुण और विश्वदेवों को क्रमशः एक-एक निवाला अर्पित करें।   |   mahabharat अध्याय 14.109: चान्द्रायण-व्रतकी विधि, प्रायश्चित्तरूपमें उसके करनेका विधान तथा महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.109.d23 
ब्रह्मणे चाग्नये चैव सोमाय वरुणाय च।
विश्वेभ्यश्चैव देवेभ्यो दद्यादन्नं यथाक्रमम्॥
 
 
अनुवाद
फिर ब्रह्मा, अग्नि, सोम, वरुण और विश्वदेवों को क्रमशः एक-एक निवाला अर्पित करें।
 
Then offer one bite each to Brahma, Agni, Som, Varuna and Vishvadevas respectively.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)