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mahabharat 14.109.d22: फिर उस दान को पाँच या सात भागों में बाँटकर बराबर-बराबर निवाले बना लें और उनमें से एक निवाला सूर्य को अर्पण करें।   |   mahabharat अध्याय 14.109: चान्द्रायण-व्रतकी विधि, प्रायश्चित्तरूपमें उसके करनेका विधान तथा महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.109.d22 
पञ्च सप्ताथवा कुर्याद्‍भागान् भैक्षस्य तस्य वै।
तेषामन्यतमं पिण्डमादित्याय निवेदयेत्॥
 
 
अनुवाद
फिर उस दान को पाँच या सात भागों में बाँटकर बराबर-बराबर निवाले बना लें और उनमें से एक निवाला सूर्य को अर्पण करें।
 
Then divide that alms into five or seven parts and make equal number of bites. Out of these, offer one bite to the Sun.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)