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mahabharat 14.109.d2: श्री भगवान बोले- पाण्डुनन्दन! समस्त पापों का नाश करने वाले चान्द्रायण व्रत का यथार्थ वर्णन सुनो। इसके करने से पापी मनुष्य भी पवित्र हो जाते हैं। मैं तुम्हें वह पूर्णतः बताता हूँ।   |   mahabharat अध्याय 14.109: चान्द्रायण-व्रतकी विधि, प्रायश्चित्तरूपमें उसके करनेका विधान तथा महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.109.d2 
श्रीभगवानुवाच
शृणु पाण्डव तत्त्वेन सर्वपापप्रणाशनम्।
पापिनो येन शुद्धॺन्ति तत् ते वक्ष्यामि सर्वश:॥
 
 
अनुवाद
श्री भगवान बोले- पाण्डुनन्दन! समस्त पापों का नाश करने वाले चान्द्रायण व्रत का यथार्थ वर्णन सुनो। इसके करने से पापी मनुष्य भी पवित्र हो जाते हैं। मैं तुम्हें वह पूर्णतः बताता हूँ।
 
Shri Bhagwan said-Pandunandan! Listen to the exact description of Chandrayaan-Vrat which destroys all sins. By practicing this, sinful people become pure. I will tell you that completely.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)