श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 109: चान्द्रायण-व्रतकी विधि, प्रायश्चित्तरूपमें उसके करनेका विधान तथा महिमाका वर्णन  »  श्लोक d19
 
 
श्लोक  14.109.d19 
न हसेन्न च वीक्षेत नाभिभाषेत वा स्त्रियम्॥
 
 
अनुवाद
भिक्षा मांगने वाले पुरुष को न तो हंसना चाहिए, न इधर-उधर देखना चाहिए, न ही किसी स्त्री से बात करनी चाहिए।
 
A man begging for alms should neither laugh, nor look here and there, nor talk to any woman.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)