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mahabharat 14.109.d12: फिर कुल्ला करके दोनों हाथ ऊपर उठाकर सूर्य की ओर देखें और हाथ जोड़कर खड़े होकर सूर्य की परिक्रमा करें।   |   mahabharat अध्याय 14.109: चान्द्रायण-व्रतकी विधि, प्रायश्चित्तरूपमें उसके करनेका विधान तथा महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.109.d12 
आचान्तस्त्वभिवीक्षेत ऊर्ध्वबाहुर्दिवाकरम्।
कृताञ्जलिपुट: स्थित्वा कुर्याच्चैव प्रदक्षिणम्॥
 
 
अनुवाद
फिर कुल्ला करके दोनों हाथ ऊपर उठाकर सूर्य की ओर देखें और हाथ जोड़कर खड़े होकर सूर्य की परिक्रमा करें।
 
Then, after rinsing your mouth, raise both your arms and look at the Sun, and standing with folded hands, circumambulate the Sun.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)