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mahabharat 14.109.d11: इसके बाद बाहर आकर पानी से कुल्ला करें और फिर पूर्व की ओर मुंह करके बैठ जाएं तथा प्राणायाम करने के बाद अपने शरीर को कुशा की पवित्री से धो लें।   |   mahabharat अध्याय 14.109: चान्द्रायण-व्रतकी विधि, प्रायश्चित्तरूपमें उसके करनेका विधान तथा महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.109.d11 
उत्तीर्योदकमाचम्य चासीन: पूर्वतोमुख:।
प्राणायामं तत: कृत्वा पवित्रैरभिषेचनम्॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद बाहर आकर पानी से कुल्ला करें और फिर पूर्व की ओर मुंह करके बैठ जाएं तथा प्राणायाम करने के बाद अपने शरीर को कुशा की पवित्री से धो लें।
 
Thereafter come out, rinse your mouth with water and then sit facing east and after doing pranayam wash your body with kusha ki pavithri.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)