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mahabharat 14.107.d9: श्री भगवान बोले - राजन! उत्तम कुल में उत्पन्न, शास्त्रविहित कर्म करने वाले, विद्वान, दयालु, धनवान, सरल और सत्यनिष्ठ - ये सभी ब्राह्मण प्रशंसा के योग्य माने जाते हैं।   |   mahabharat अध्याय 14.107: आपद्धर्म, श्रेष्ठ और निन्द्य ब्राह्मण, श्राद्धका उत्तम काल और मानव-धर्म-सारका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.107.d9 
श्रीभगवानुवाच
कुलीन: कर्मकृद् वैद्यस्तथा चाप्यानृशंस्यवान्।
श्रीमानृजु: सत्यवादी पात्रा: सर्व इमे द्विजा:॥
 
 
अनुवाद
श्री भगवान बोले - राजन! उत्तम कुल में उत्पन्न, शास्त्रविहित कर्म करने वाले, विद्वान, दयालु, धनवान, सरल और सत्यनिष्ठ - ये सभी ब्राह्मण प्रशंसा के योग्य माने जाते हैं।
 
Shri Bhagavan said – King! Born in a good family, performing the rituals prescribed in the scriptures, learned, kind, wealthy, simple and truthful - all these Brahmins are considered worthy of praise.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)