Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.107.d58: लेकिन ज्ञान देने वाला गुरु इन सबसे कहीं श्रेष्ठ है। गुरु से बड़ा न कभी कोई हुआ है, न कभी होगा।   |   mahabharat अध्याय 14.107: आपद्धर्म, श्रेष्ठ और निन्द्य ब्राह्मण, श्राद्धका उत्तम काल और मानव-धर्म-सारका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 107: आपद्धर्म, श्रेष्ठ और निन्द्य ब्राह्मण, श्राद्धका उत्तम काल और मानव-धर्म-सारका वर्णन  »  श्लोक d58
 
 
श्लोक  14.107.d58 
एतेषामपि सर्वेषां गरीयान् ज्ञानदो गुरु:।
गुरो: परतरं किंचिन्न भूतं न भविष्यति॥
 
 
अनुवाद
लेकिन ज्ञान देने वाला गुरु इन सबसे कहीं श्रेष्ठ है। गुरु से बड़ा न कभी कोई हुआ है, न कभी होगा।
 
But the Guru who imparts knowledge is far superior to all these. No one has ever been, nor will ever be, greater than the Guru.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)