Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.107.d48: गर्भाधान से लेकर दाह-संस्कार तक ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य के सभी संस्कार वेदों में वर्णित पवित्र संस्कारों और मंत्रों के अनुसार किए जाने चाहिए; क्योंकि संस्कार इस लोक के साथ-साथ परलोक में भी पवित्रता प्रदान करते हैं। | mahabharat अध्याय 14.107: आपद्धर्म, श्रेष्ठ और निन्द्य ब्राह्मण, श्राद्धका उत्तम काल और मानव-धर्म-सारका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गर्भाधान से लेकर दाह-संस्कार तक ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य के सभी संस्कार वेदों में वर्णित पवित्र संस्कारों और मंत्रों के अनुसार किए जाने चाहिए; क्योंकि संस्कार इस लोक के साथ-साथ परलोक में भी पवित्रता प्रदान करते हैं।
From conception to cremation, all the rites of Brahmins, Kshatriyas and Vaishyas should be performed according to the sacred rites and mantras prescribed in the Vedas; because rites purify one in this world as well as the next.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥