श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 107: आपद्धर्म, श्रेष्ठ और निन्द्य ब्राह्मण, श्राद्धका उत्तम काल और मानव-धर्म-सारका वर्णन  »  श्लोक d47
 
 
श्लोक  14.107.d47 
आचार: प्रथमो धर्मो ह्यहिंसा सत्यमेव च।
दानं चैव यथाशक्ति नियमाश्च यमै: सह॥
 
 
अनुवाद
सदाचार, अहिंसा, सत्य, अपनी क्षमता के अनुसार दान तथा नियम-नियमों का पालन - ये धर्म के मुख्य सिद्धांत हैं।
 
Morality, non-violence, truth, charity according to one's ability, and following the rules and regulations - these are the main principles of religion.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)