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श्लोक  14.107.d38 
धर्मं जिज्ञासमानानां प्रमाणं परमं श्रुति:।
द्वितीयं धर्मशास्त्राणि तृतीयं लोकसंग्रह:॥
 
 
अनुवाद
जो लोग धर्म का सार जानना चाहते हैं, उनके लिए वेद मुख्य प्रमाण हैं, धर्मशास्त्र द्वितीय प्रमाण हैं और सामाजिक रीति-रिवाज तृतीय प्रमाण हैं।
 
For those who wish to know the essence of religion, Vedas are the main proof, Dharmashastras (scriptures) are the second proof and social customs are the third proof.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)