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मा ददात्विति यो ब्रूयाद् ब्राह्मणेषु च गोषु च।
तिर्यग्योनिशतं गत्वा चण्डालेषूपजायते॥
अनुवाद
जो मनुष्य 'मत दो' कहकर ब्राह्मण या गाय को भोजन देने से मना कर देता है, वह पशु-पक्षी योनियों में सौ बार जन्म लेता है और अन्त में चाण्डाल बनता है।
He who refuses to give food to a Brahmin or a cow by saying 'don't give', takes birth a hundred times in the form of animals and birds and ultimately becomes a Chandala.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥