अग्निचित्कपिला सत्री राजा भिक्षुर्महोदधि:।
दृष्टमात्रात् पुनन्त्येते तस्मात् पश्येत तान् सदा॥
अनुवाद
अग्निहोत्री, द्विज, कपिला गाय, यज्ञ करने वाला मनुष्य, राजा, मुनि और समुद्र - इनके दर्शन मात्र से ही मनुष्य पवित्र हो जाता है, अतः इनका सदैव दर्शन करना चाहिए।
Agnihotri, Dwija, Kapila cow, a man performing yagya, a king, a monk and the ocean – these purify a person just by seeing them, hence one should always see them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥