Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.107.d24: राजन! यदि ब्राह्मण शील और सदाचार से रहित हो जाए, तो सम्पूर्ण वेद, सांख्य, पुराण और उत्तम कुल में जन्म - ये सब छहों अंग मिलकर भी उसे मोक्ष नहीं दे सकते। | mahabharat अध्याय 14.107: आपद्धर्म, श्रेष्ठ और निन्द्य ब्राह्मण, श्राद्धका उत्तम काल और मानव-धर्म-सारका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सर्वे च वेदा: सह षड्भिरङ्गै:
सांख्यं पुराणं च कुले च जन्म।
नैतानि सर्वाणि गतिर्भवन्ति
शीलव्यपेतस्य नृप द्विजस्य॥
अनुवाद
राजन! यदि ब्राह्मण शील और सदाचार से रहित हो जाए, तो सम्पूर्ण वेद, सांख्य, पुराण और उत्तम कुल में जन्म - ये सब छहों अंग मिलकर भी उसे मोक्ष नहीं दे सकते।
Rajan! If a Brahmin becomes devoid of modesty and good conduct, then even the entire Vedas, Sankhya, Puranas and the birth of a noble family - all these together with the six limbs - cannot give him salvation.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥