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श्लोक  14.107.d21 
न तेषामशुभं किंचित् पापं वा शुभकर्मणाम्।
जलावगाहनादेव सद्य: शौचं विधीयते॥
 
 
अनुवाद
जो लोग ऐसे शुभ कर्म करते हैं, उन्हें किसी भी प्रकार का पाप या अनिष्ट नहीं होता, वे जल में स्नान मात्र से ही तुरन्त पवित्र हो जाते हैं।
 
Those who perform such auspicious deeds do not incur any kind of evil or sin. They become pure instantly by merely bathing in water.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)