Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.107.d13: जो अग्निहोत्र और स्वाध्याय नहीं करता, सदैव दान पाने में रुचि रखता है और कहीं भी भोजन कर लेता है, उसे ब्राह्मण जाति के लिए कलंक समझना चाहिए। | mahabharat अध्याय 14.107: आपद्धर्म, श्रेष्ठ और निन्द्य ब्राह्मण, श्राद्धका उत्तम काल और मानव-धर्म-सारका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो अग्निहोत्र और स्वाध्याय नहीं करता, सदैव दान पाने में रुचि रखता है और कहीं भी भोजन कर लेता है, उसे ब्राह्मण जाति के लिए कलंक समझना चाहिए।
He who does not perform Agnihotra and study, is always interested in receiving gifts and eats food anywhere, should be considered a disgrace to the Brahmin caste.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥