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नैकवासास्तु भुञ्जीयान्न चान्तर्धाय वा द्विज:।
न भिन्नपात्रे भुञ्जीत पर्णपृष्ठे तथैव च॥
अनुवाद
ब्राह्मण को केवल एक वस्त्र पहनकर या पूरे शरीर को कपड़े से ढककर भोजन नहीं करना चाहिए। इसी प्रकार टूटे हुए बर्तन या उलटी हुई थाली में भोजन करना भी वर्जित है।
A Brahmin should not eat food wearing only one cloth or covering his entire body with a cloth. Similarly, eating food in a broken vessel or an overturned plate is also prohibited.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥