Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.106.d31: तिल का दान करें, तिल खाएं, तिल का लेप लगाएं और सुबह स्नान करें। हमेशा 'तिल-तिल' शब्द बोलें क्योंकि तिल सभी पापों का नाश करते हैं।   |   mahabharat अध्याय 14.106: भोजनकी विधि, गौओंको घास डालनेका विधान और तिलका माहात्म्य तथा ब्राह्मणके लिये तिल और गन्ना पेरनेका निषेध   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 106: भोजनकी विधि, गौओंको घास डालनेका विधान और तिलका माहात्म्य तथा ब्राह्मणके लिये तिल और गन्ना पेरनेका निषेध  »  श्लोक d31
 
 
श्लोक  14.106.d31 
तिलान् दद्यात् तिलान् भक्ष्यात् तिलान् प्रातरुपस्पृशेत्।
तिलं तिलमिति ब्रूयात् तिला: पापहरा हि ते॥
 
 
अनुवाद
तिल का दान करें, तिल खाएं, तिल का लेप लगाएं और सुबह स्नान करें। हमेशा 'तिल-तिल' शब्द बोलें क्योंकि तिल सभी पापों का नाश करते हैं।
 
Donate sesame seeds, eat sesame seeds, apply sesame paste and take a bath in the morning. Always utter the words 'til-til' because sesame seeds destroy all sins.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)