नाग्निं मुखेनोपधमेन्न च पादौ प्रदापयेत्।
नाध: कुर्यात् कदाचित् तु न पृष्ठं परितापयेत्॥
अनुवाद
अपने मुँह से आग न फूँको, अपने पैरों को आग पर न तपायें, अपने पैरों से आग को न रौंदें और अपनी पीठ से आग को न जलाएँ।
Do not blow the fire with your mouth, do not heat your feet on the fire, do not trample the fire with your feet and do not consume the fire from your back.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥