Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.104.d31: सगे-संबंधी और मित्रगण मृत व्यक्ति के शरीर को लकड़ी या मिट्टी के ढेले की तरह जमीन पर पटक देते हैं और पीठ फेरकर चले जाते हैं। उस समय केवल धर्म ही व्यक्ति के पीछे चलता है। | mahabharat अध्याय 14.104: ब्रह्महत्याके समान पापका, अन्नदानकी प्रशंसाका, जिनका अन्न वर्जनीय है उन पापियोंका, दानके फलका और धर्मकी प्रशंसाका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सगे-संबंधी और मित्रगण मृत व्यक्ति के शरीर को लकड़ी या मिट्टी के ढेले की तरह जमीन पर पटक देते हैं और पीठ फेरकर चले जाते हैं। उस समय केवल धर्म ही व्यक्ति के पीछे चलता है।
The relatives and friends throw the dead body of a person on the ground like a lump of wood or clay and turn their backs and walk away. At that time, only Dharma (righteousness) follows the person.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥