Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.104.d21: यदि कोई अनजाने में भोजन कर ले तो उसे तीन दिन तक उपवास करना चाहिए; तथा यदि कोई जानबूझकर एक बार भी भोजन कर ले तो उसे प्रजापत्य व्रत करना चाहिए। | mahabharat अध्याय 14.104: ब्रह्महत्याके समान पापका, अन्नदानकी प्रशंसाका, जिनका अन्न वर्जनीय है उन पापियोंका, दानके फलका और धर्मकी प्रशंसाका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि कोई अनजाने में भोजन कर ले तो उसे तीन दिन तक उपवास करना चाहिए; तथा यदि कोई जानबूझकर एक बार भी भोजन कर ले तो उसे प्रजापत्य व्रत करना चाहिए।
If one eats their food unknowingly, one should fast for three days; however, if one eats their food even once knowingly, one should observe the Prajapatya fast.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥